तीन-त्रिवेणियाँ

1.
बड़ी हसरत से देखती है वो
नीले आसमान में उड़ते पंछियों को

शायद कभी उसके ख़्वाहिशात को भी पंख मिल जाएँ

2.
उस दिन जब तुमने कहना चाहा था
दिल का कोई भेद मैंने बात पलट दी थी

गहराइयों के अंधेरे बहुत भयानक होते हैं

3.
बेहद झीनें होते है वो रिश्ते
जो गर्म हवा में झुलस जाते हैं

कोई बूझे इससे पहले ही वह खुल जाते हैं

Advertisements